नई दिल्ली: अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी दो दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से औपचारिक मुलाकात

की। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई और कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए गए

 
क्या क्या हुआ
  1. इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने हर क्षेत्र में सहयोग करने को लेकर अपनी प्रतिबद्धत्ता दोहराई। बातचीत के दौरान दोनों ही नेताओं ने क्षेत्र की परेशानियों और इनके समाधान को लेकर विस्तृत चर्चा की।साथ ही आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की भी अपनी प्रतिबद्धत्ता दोहराई। दोनों ही नेताओं का कहना था कि सभ्य समाज में आतंकवाद और क्रूरता के लिए कोई जगह नहीं है
  2. दोनों ने ही बढ़ते आतंकवाद को लेकर अपनी चिंता साझा की और इसको एक गंभीर समस्या बताया। पीएम मोदी का कहना था कि सभी देशों को आपसी मतभेद भुलाकर आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए एक होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने बिना पाकिस्तान का नाम लिए कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले और पनाह देने वाले, उन्हें सुरक्षित जगह मुहैया कराने वाले देने वाले देशों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
  3. राष्ट्रपति घनी के बाद यानी अगले दिन नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ भारत में होंगे। दो सार्क देशों के प्रमुखों का भारत आना काफी अहम साबित होने वाला है
चौतरफा सहयोग को मिलेगी मजबूती
  1. यात्रा की घोषणा करते हुए, विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि गनी और मोदी के बीच आपसी हितों से संबंधित कई मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी
  2. मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि अफगानिस्तान राष्ट्रपति की यह यात्रा दोनों पड़ोसी देशों के बीच सतत विचार-विमर्श को जारी रखने का एक अवसर प्रदान करेगी। इस तरह का विचार-विमर्श दोनों देशों की सामरिक भागीदारी की प्रमाणिकता है और इससे दोनों देशों के बीच के चौतरफा सहयोग को मजबूती मिलेगी।
हथियारों की आपूर्ति की मांग को मान सकता है भारत
  1. अफगानिस्तान, भारत से हथियारों समेत रक्षा आपूर्ति में वृद्धि की मांग कर रहा है जिससे ताकि अफगान पुलिस और आर्म्ड फोर्सेज को ताकतवर बनाया जा सके।
  2. भारत ने पिछले वर्ष अफगानिस्तान को पहली बार चार एमआई-25 लड़ाकू हेलिकॉप्टर दिए थे। अशरफ इस दौरान पीएम मोदी के साथ विचार-विमर्श करने के आलावा व्यापार समुदाय के साथ भी बातचीत करेंगे और नई दिल्ली में एक प्रतिष्ठित थिंक टैंक में भाषण देंगे।
प्रत्यर्पण संंधि पर हस्ताक्षर
  1. वहीं भारत, अफगानिस्तान के बीच आतंकियों और अपराधियों का प्रत्यपर्ण आसान हो जाएगा। इस संधि के बाद उन तमाम आतंकियों, आर्थिक अपराधी और ऐसे तमाम दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकेगी जो अफगानिस्तान के हैं या फिर अफगानिस्तान चले गए हैं। गौरतलब है कि भारत की 37 देशों के साथ प्रत्यर्पण संधि है
  2. अफगानिस्तान के साथ यह संधि इसलिए और अहम हो जाती है क्योंकि अफगानिस्तान की सीमा पाकिस्तान से सटी हुई है। कई आतंकी संगठन अफगान-पाक बॉर्डर पर सक्रिय हैं।
  3. भारत, अफगानिस्तान के साथ काउंटर-टेररिज्म में सहयोग बढ़ाना चाहता है, खासतौर पर ऐसे समय में जब पाकिस्तान की ओर से तनाव लगातार बढ़ रहा है। इस दो दिवसीय यात्रा के दौरान अफगानिस्तान के राष्ट्रपति भारत के एनएसए अजित डोभाल से भी मुलाकात करेंगे।